प्राक्कलन बोर्ड बिना तटबंध सड़क निर्माण पर नाराजगी
एडीएम के औचक निरीक्षण में गुणवत्ता पर सवाल

सिमरी प्रखंड अंतर्गत बक्सर-कोईलवर तटबंध पर चल रहे पक्की सड़क निर्माण एवं तटबंध मजबूती कार्यों की गुणवत्ता को लेकर सोमवार को अपर समाहर्ता अरुण कुमार सिंह ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य में पारदर्शिता और मानकों के पालन में कमी पर कड़ी नाराजगी जताई।
एडीएम ने तटबंध के पश्चिमी किनारे लगाए जा रहे जियो बैग में भरी बालू की गुणवत्ता की बारीकी से जांच कराई। उनके निर्देश पर तथाकथित उजले बालू का नमूना संग्रहित कर प्रयोगशाला भेजा गया, ताकि उसमें मिट्टी की मात्रा और निर्धारित मानकों की पुष्टि हो सके। साथ ही मौके पर जियो बैग का वजन तथा उसकी लंबाई-चौड़ाई की मापी भी कराई गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि तीन किलोमीटर की निर्धारित परिधि के भीतर से ही उजले बालू का उठाव किया जाना है, किंतु स्थल पर इसका समुचित अनुपालन नहीं पाया गया।
निरीक्षण के दौरान कार्यस्थल पर प्राक्कलन बोर्ड नहीं लगाए जाने को एडीएम ने गंभीर लापरवाही बताया। इस पर उन्होंने संबंधित कार्य एजेंसी को कड़ी चेतावनी देते हुए मानक अनुरूप कार्य सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने बाढ़ नियंत्रण विभाग के सहायक अभियंता को भी फटकार लगाई और कहा कि बिना पारदर्शिता के कोई भी निर्माण कार्य स्वीकार्य नहीं होगा।
एडीएम ने कहा कि प्रथम दृष्टया तटबंध की सुरक्षा को लेकर कराए जा रहे कार्यों की गुणवत्ता संतोषजनक प्रतीत नहीं होती। उन्होंने विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार कर आगे की कार्रवाई हेतु जिला पदाधिकारी को भेजने की बात कही। साथ ही दो टूक शब्दों में कहा कि तटबंध की मजबूती और क्षेत्र की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान डुमरांव के अनुमंडल पदाधिकारी राकेश कुमार, बक्सर के अनुमंडल पदाधिकारी अविनाश कुमार तथा अंचलाधिकारी भगवती शंकर पांडेय सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। स्थानीय लोगों ने भी गुणवत्ता सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।




