बक्सर के पर्यटन विकास हेतु जलमार्ग योजनाओं की भाजपा नेता ने की मांग
केंद्रीय मंत्री को पत्र भेजकर क्रूज, जेटी, टर्मिनल की अपील

बक्सर जिले के ऐतिहासिक, पौराणिक एवं धार्मिक महत्व को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं दूरसंचार सलाहकार समिति (बीएसएनएल, पटना सर्किल) के सदस्य विजय कुमार मिश्र ने भारत सरकार के पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय के माननीय राज्यमंत्री को पत्र लिखकर बक्सर में जलमार्ग आधारित पर्यटन एवं आधारभूत संरचना के विकास की मांग की है।
अपने पत्र में श्री मिश्र ने उल्लेख किया है कि बक्सर अत्यंत प्राचीन और गौरवशाली इतिहास वाला जिला है। यह भगवान वामन की अवतार भूमि, प्रभु श्रीराम की शिक्षा स्थली, महर्षि विश्वामित्र की तपोस्थली, हनुमान जी का ननिहाल तथा माता अहिल्या के उद्धार और ताड़िका वध से जुड़ा स्थल रहा है। बक्सर को वेदगर्भापुरी भी कहा जाता है और यहां प्रतिवर्ष पंचकोशी परिक्रमा एवं विशाल मेले का आयोजन होता है, जिसमें लाखों श्रद्धालु भाग लेते हैं।
इसके बावजूद बक्सर आज भी पर्यटन विकास से अछूता है, जबकि यह वाराणसी और अयोध्या जैसे प्रमुख धार्मिक केंद्रों के बेहद निकट स्थित है। पत्र में चौसा थर्मल पावर प्रोजेक्ट का उल्लेख करते हुए श्री मिश्र ने चौसा के महादेवा घाट के पास जलमार्ग से कोयला परिवहन हेतु टर्मिनल निर्माण को जनहित में आवश्यक बताया।
उन्होंने रामरेखा घाट पर “काटा मारन बोट” संचालन, बक्सर से वाराणसी के बीच क्रूज सेवा, चौसा में टर्मिनल निर्माण तथा सिमरी प्रखंड अंतर्गत ब्रह्म विद्यालय गंगा कुटी के पास जेटी निर्माण की मांग की है। श्री मिश्र ने इन योजनाओं को प्राथमिकता देकर शीघ्र क्रियान्वयन का आग्रह किया है, जिससे बक्सर का पर्यटन, रोजगार और आर्थिक विकास सुनिश्चित हो सके।




