ब्रह्मपुर में हैट्रिक जीत! राजद विधायक शंभू नाथ सिंह यादव ने रचा इतिहास,
समर्थकों में जश्न का माहौल,, विधायक ने कहा यह मेरा जीत नहीं ब्रह्मपुर विधानसभा के जनता की जीत है

एनडीए प्रत्याशी हुल्लास पांडे को हराकर तीसरी बार विधायक बने—फूल-मालाओं, डांस और डीजे की धुनों के बीच मनाया गया विजय उत्सव
बक्सर जिले के ब्रह्मपुर विधानसभा क्षेत्र में शुक्रवार को मतगणना समाप्त होते ही राजनीतिक सरगर्मियां चरम पर पहुंच गईं। रिजल्ट आते ही राजद समर्थकों के बीच खुशी की लहर दौड़ पड़ी, क्योंकि राजद के कद्दावर नेता शंभू नाथ सिंह यादव ने अपने प्रतिद्वंदी एनडीए के रामविलास पासवान–लोजपा (RVLJP) के उम्मीदवार हुल्लास पांडे को पराजित कर शानदार जीत दर्ज की। इस ऐतिहासिक जीत के साथ उन्होंने ब्रह्मपुर सीट पर लगातार तीसरी बार कब्जा जमाते हुए हैट्रिक बनाई और क्षेत्र की राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ फिर साबित की।
विजय की घोषणा होते ही समर्थकों का हुजूम उनके सोन फ्लावर मिल चक्की, लहना स्थित परिसर में उमड़ पड़ा। फूल-मालाओं, पगड़ी और नारों के बीच विधायक का भव्य स्वागत किया गया। उत्साह का आलम यह था कि कार्यकर्ताओं ने लाल गुलाल उड़ाते हुए डीजे की धुन पर “लालू के लाल, तू त कईल कमाल” गाने पर जमकर ठुमके लगाए और जीत का जश्न देर शाम तक चलता रहा।
पत्रकारों से बातचीत में विधायक शंभू नाथ सिंह यादव ने अपनी जीत को जनता की जीत बताया। उन्होंने कहा, “यह मेरी नहीं, ब्रह्मपुर की सम्मानित जनता की जीत है। पिछले दस वर्षों से जनता के बीच रहकर सेवा करने का जो अवसर मिला, उसका आशीर्वाद आज फिर तीसरी बार मिला है। ब्रह्मपुर की जनता ने अगले पाँच साल तक पुनः सेवा करने का मौका देकर मेरे प्रति अपना विश्वास मजबूत किया है। इसके लिए मैं हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।”
वहीं राजद नेता एवं पूर्व मुखिया अंगद सिंह यादव ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि प्रतिद्वंदी उम्मीदवार और उनके समर्थक परिणाम आने से पहले ही जीत का जश्न मनाने लगे थे, लेकिन देखते-देखते ही हालात बदल गए और उनकी खुशी निराशा में बदल गई। उन्होंने कहा कि जनता ने एक बार फिर विकास, सेवा और नेतृत्व क्षमता पर भरोसा जताते हुए सही निर्णय लिया है।
ब्रह्मपुर विधानसभा क्षेत्र में यह जीत केवल राजनीतिक उपलब्धि नहीं, बल्कि राजद समर्थकों के लिए एक भावनात्मक उत्सव भी बन गई। तीन बार की इस सफलता के बाद क्षेत्र में विकास की नई उम्मीदें और जनता की अपेक्षाएं भी बढ़ गई हैं।




