धान अधिप्राप्ति में शिथिलता पर उप विकास आयुक्त सख्त
कम प्रगति वाले प्रखंडों के अधिकारियों से मांगा गया स्पष्टीकरण

बक्सर। जिले में धान अधिप्राप्ति की प्रगति की समीक्षा हेतु गुरुवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में उप विकास आयुक्त बक्सर श्रीमती निहारिका छवि की अध्यक्षता में समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान डुमरांव एवं इटाढ़ी प्रखंडों में धान क्रय प्रतिशत जिले के औसत से कम पाया गया, जबकि ब्रह्मपुर प्रखंड में किसानों के भुगतान की स्थिति 89.66 प्रतिशत दर्ज की गई।
बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में अब तक 7164 किसानों से कुल 61,407.33 मैट्रिक टन धान की अधिप्राप्ति की जा चुकी है, जो निर्धारित लक्ष्य का 47.53 प्रतिशत है। साथ ही 6760 मैट्रिक टन सीएमआर (कस्टम मिल्ड राइस) की आपूर्ति राज्य खाद्य निगम को की जा चुकी है।
प्रगति असंतोषजनक पाए जाने पर उप विकास आयुक्त ने डुमरांव अनुमंडल अंतर्गत सभी प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों को स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया। वहीं धान अधिप्राप्ति में व्यक्तिगत रुचि नहीं लेने के आरोप में जिला सहकारिता पदाधिकारी बक्सर से भी स्पष्टीकरण तलब किया गया।
बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने एफआरके की कमी तथा समितियों द्वारा आपूर्ति किए गए सीएमआर के भुगतान में विलंब को धान अधिप्राप्ति की चक्रीय व्यवस्था बाधित होने का कारण बताया। इस पर उप विकास आयुक्त ने सभी सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों को छोटे एवं सीमांत किसानों से प्राथमिकता के आधार पर धान अधिप्राप्ति सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया।
साथ ही जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम को एफआरके की उपलब्धता सुनिश्चित करने एवं सीएमआर भुगतान में तेजी लाने का आदेश दिया गया। उन्होंने पारदर्शी तरीके से धान अधिप्राप्ति कराने तथा किसानों की समस्याओं का त्वरित निष्पादन करने पर भी बल दिया।
बैठक में विशेष कार्य पदाधिकारी, वरीय उप समाहर्ता, जिला सहकारिता पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।




