बक्सर

क्रिकेट मैच विवाद में उपजे तनाव के बाद एसडीएम और एसडीपीओ ने की शांति समिति की बैठक

दोनों पक्ष के लोगों को समक्ष अधिकारियों ने शांति बरतने की कि अपील, जनप्रतिनिधियों को भी दी सलाह

ताजा समाचार बिहार के बक्सर जिला अंतर्गत डुमरांव अनुमंडल के नया भोजपुर ओपी थाना क्षेत्र से है . जहां नया भोजपुर में क्रिकेट मैच के दौरान दो पक्ष के बीच बीते दिन उपजे विवाद के बाद एसडीएम कुमार पंकज और एसडीपीओ आफाक अख्तर अंसारी ने सोमवार को स्थानीय थाने में शांति समिति की बैठक आयोजित की . अधिकारियों ने दोनो परिवारों के सदस्यों को बुलाकर समझाने के बाद तनावपूर्ण स्थिति को संतुलित करने का प्रयास किया . एसडीएम और एसडीपीओ के इस कदम की स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने काफी प्रशंसा की . एसडीएम कुमार पंकज ने कहा कि यह दो पक्षों की लड़ाई नहीं बल्कि दो परिवारों के बच्चों की आपसी लड़ाई है . दोनों परिवार के गार्जियन इस मामले की तनातनी को खत्म करें और मेरे द्वारा किए गए अपील को स्वीकार करे . हालांकि यह मामला कानूनी रूप से आगे चलता रहेगा . लेकिन सामाजिक रूप से दोनों परिवारों को इसके दुष्प्रभाव को अपने मन से निकाल दीजिए जिला प्रशासन आपके साथ हैं।

सामाजिक सौहार्द बनाए रखें ।

एसडीपीओ अफाक अख्तर अंसारी ने कहा कि जनप्रतिनिधियों का भी यह दायित्व है कि आपके क्षेत्र में आपसी तनातनी को संतुलित करने का आप भरसक प्रयास करें। मामला पुलिस के संज्ञान में आता है तो पुलिस कारवाई करेगी ही, लेकिन आप भी समाज में सौहार्द कायम रखने की पहल करें। घटना के बाद रविवार की देर रात एसडीएम और एसडीपीओ ने क्षेत्र का मुआयना भी किया। एसडीपीओ आफाक अख्तर अंसारी ने बताया कि तनावपूर्ण स्थिति को कंट्रोल कर लिया गया है। आगे यह विवाद न उपजे इसलिए शांति समिति की बैठक बुलाई गई थी, जिसमें दोनों परिवारों के सदस्य पहुंचे थे।

नप गए नया भोजपुर ओपी थानाध्यक्ष

आपको बता दें कि नया भोजपुर गांव में क्रिकेट मैच के दौरान हुए विवाद उत्पन्न हुआ था जिसमें युवराज तथा कुछ अन्य लड़कों ने मिलकर आरोपित पक्ष के एक युवक की पिटाई कर दी थी। युवराज उस घटना का मुख्य आरोपी था। इधर वह इंटरमीडिएट की परीक्षा देने बक्सर जा रहा था। शनिवार को परीक्षा देकर आने के दौरान नया भोजपुर कुरैशी मोहल्ला के युवकों ने उसे अगवा कर अपने मोहल्ले में ले गए तथा बंधक बना उसकी पिटाई करने लगे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने अगवा हुए युवक को उनके चंगुल से छुड़ाकर अनुमंडलीय अस्पताल डुमरांव पहुंचाया, जहां से उसे बक्सर सदर और फिर पटना पीएमसीएच रेफर कर दिया गया। युवक की स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है। मामले में कर्त्तव्यहीनता और वरीय पदाधिकारियों को सूचना न देने के आरोप में स्थानीय थाने के थानाध्यक्ष मुकेश कुमार को भी निलंबित कर दिया गया था।

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