कृषि टास्क फोर्स बैठक में किसानों की योजनाओं की प्रगति समीक्षा
फार्मर रजिस्ट्री, उर्वरक जांच और आय वृद्धि पर जोर

समाहरणालय, बक्सर में आज जिला पदाधिकारी महोदया की अध्यक्षता में कृषि टास्क फोर्स एवं कृषि विभाग की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य जिले में किसानों से जुड़ी विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों एवं गतिविधियों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा करना तथा कृषि क्षेत्र में समन्वित प्रयासों को और अधिक सशक्त बनाना था।
बैठक के दौरान फार्मर रजिस्ट्री कार्य की धीमी प्रगति पर चिंता व्यक्त करते हुए जिला पदाधिकारी महोदया ने इसे शीघ्र पूर्ण करने का स्पष्ट निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इस कार्य को गति देने के लिए प्रतिदिन विशेष शिविर आयोजित कर किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही जिला कृषि पदाधिकारी को यह भी निर्देशित किया गया कि शिविरों में अनुपस्थित रहने वाले राजस्व कर्मियों का प्रतिवेदन प्रतिदिन उपलब्ध कराया जाए, ताकि लापरवाही पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
कृषि टास्क फोर्स की बैठक में किसानों की आय वृद्धि को लेकर सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया। जिला पदाधिकारी महोदया ने कहा कि कृषि, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता, उद्यान और अन्य संबद्ध विभाग यदि एकीकृत कार्य योजना के तहत कार्य करें तो किसानों की आमदनी बढ़ाने में ठोस परिणाम सामने आएंगे। सभी विभागों को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने विभाग अंतर्गत संचालित योजनाओं के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के लिए एक समन्वित कार्य योजना तैयार करें और अगली बैठक में उसे प्रस्तुत करें।
बैठक में उर्वरकों की उपलब्धता एवं गुणवत्ता को लेकर भी सख्त रुख अपनाया गया। जिला कृषि पदाधिकारी को एक सप्ताह के भीतर जिले की सभी उर्वरक दुकानों की जांच कराने का निर्देश दिया गया। जांच के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता, कालाबाजारी या मानक के विपरीत उर्वरक पाए जाने पर संबंधित दुकानों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया।
बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि किसानों के हितों की रक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि सभी योजनाओं का लाभ समयबद्ध और प्रभावी तरीके से वास्तविक किसानों तक पहुंचे, जिससे कृषि को लाभकारी बनाकर किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत की जा सके।




