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जाति आधारित गणना में लाल रंग के मार्कर से मकानों की हो रही नंबरिंग

प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में जाति आधारित गणना के पहले चरण की शुरुआत हो चुकी है। प्रखंड स्तरीय कर्मियों द्वारा मकानों पर लाल रंग के मार्कर से नंबरिंग की जा रही है। पहले चरण में 21 जनवरी तक चलने वाले जाति आधारित गणना की सफलता को लेकर प्रगणकों सहित पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण भी दिया गया है। पहले फेज में मकानों की गणना की जा रही है।

बीडीओ सह चार्ज पदाधिकारी जितेन्द्र कुमार के अनुसार, एकत्रित सर्वेक्षण के दौरान 26 प्रकार की जानकारियां एकत्रित की जाएंगी। इसमें परिवार के मुखिया का नाम, परिवार के कुल सदस्यों की संख्या में एवं आर्थिक स्थिति सहित परिवार के क्रम संख्या सहित विवरणी भरी जाएगी। इसमें एक कालम जाति का भरा जाएगा। लोगों को जाति का नाम बताने पर संबंधित प्रपत्र भी दिखाना होगा। संबंधित प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं करने पर प्रगणक आस-पड़ोस से जाति के संबंध में जानकारी एकत्रित करेंगे। इसमें उप-जातियों की गणना नहीं की जाएगी।

बेघर परिवारों की हो रही है एंट्री
प्रखंड पंचायत स्तर पर पेज पांच में बेघर परिवारों की इंट्री किए जाने बात प्रगणकों ने बताया। इसमें बेघर परिवार के मुखिया का नाम, परिवार की संख्या, स्थान, दर्ज स्थान पर परिवार छह माह से रह रहा है अथवा नहीं इसका भी जिक्र किया जाएगा। फार्मेट के साथ लाल रंग का मार्कर प्रखंड स्तरीय गणना कर्मियों को उपलब्ध कराया गया है, ताकि वे इस लाल रंग के मार्कर से मकान नंबर अंकित कर सकें।
कच्चे और पक्के मकानों के लिए अलग-अलग चिन्ह
पहले फेज में मकानों की गिनती शुरू हो चुकी है। पक्के मकानों पर वर्ग का चिह्न बनाया जा रहा है। वहीं, कच्चे मकानों पर त्रिभुज का चिन्ह बनाया जा रहा है। आवासीय गैर आवासीय मकान पर भी अलग-अलग चिन्ह बनाने का कार्य हो रहा है। गैर आवासीय मकान होने पर उस पर वर्ग के चिन्ह को छायांकित किया जा रहा है। वहीं, कच्चा मकान होने पर त्रिभुज को छायांकित किया जा रहा है।

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