पंजाब में पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक को लेकर केंद्र ने भगवंत सरकार को लिखी चिट्ठी

बीते साल 5 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पंजाब यात्रा के दौरान सुरक्षा में चूक हुई थी. इस मामले पर केंद्र सरकार ने अब पंजाब सरकार से एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. दरअसल, पीएम की सुरक्षा में चूक के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई में हो रही देरी को लेकर केंद्र ने राज्य सरकार से कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है. इस मामले को लेकर गृह सचिव ने मुख्य सचिव से बात भी की है.पीएम की सुरक्षा में चूक के मामले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने 5 सदस्यों की एक कमेटी गठित की थी जिसकी अगुवाई रिटायर्ड जस्टिस इंदु मल्होत्रा ने की. जांच कमेटी को रिपोर्ट पेश किए हुए 6 महीने हो चुके हैं. इस रिपोर्ट में राज्य के तत्कालीन मुख्य सचिव अनिरुद्ध तिवारी, पुलिस प्रमुख एस चट्टोपाध्याय और दूसरे टॉप के अधिकारियों को पीएम की सुरक्षा में चूक के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था. इसके बाद, केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने पंजाब के मुख्य सचिव विजय कुमार जंजुआ से कार्रवाई की रिपोर्ट जमा करने को कहा था.
क्या था रिपोर्ट में?
इस रिपोर्ट में पंजाब पुलिस के अधिकारियों पर लापरवाही भरे रवैये का आरोप लगाया गया था और इस घटना को योजना और तालमेल में भारी विफलता के रूप में बताया गया. यहां ये जान लेना जरूरी है कि जिस समय पंजाब में पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक का मामला सामने आया था उस समय राज्य में कांग्रेस की सरकार थी और चरणजीत सिंह चन्नी मुख्यमंत्री थे.
क्या था मामला?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काफिला पंजाब के फिरोजपुर में पिछले साल 5 जनवरी को हुसैनीवाला में एक फ्लाईओवर पर 15-20 मिनट तक फंस गया था. प्रधानमंत्री फिरोजपुर में रैली के लिए जा रहे थे, जहां चुनाव के मद्देनजर उन्हें 42000 करोड़ रुपए से भी ज्यादा की लागत के कई प्रोजेक्ट्स की आधारशिला रखनी थी, लेकिन उनकी रैली को स्थगित करना पड़ा था. प्रधानमंत्री का काफिला राष्ट्रीय शहीद स्मारक से 30 किलोमीटर दूर हुसैनीवाला से गुजर रहा था, जहां फ्लाईओवर पर कुछ प्रदर्शनकारी विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे और फ्लाईओवर को जाम कर दिया था.




