किसान परिवार के अतुल–अंबुज ने लेफ्टिनेंट बनकर बढ़ाया क्षेत्र का मान, युवाओं के लिए बने मिसाल
पड़रिया के दो सपूत बने सेना के अफसर, गांव से आई.एम.ए तक की प्रेरक उड़ान 🇮🇳✨

बक्सर जिले के नावानगर प्रखंड के परमानपुर पंचायत अंतर्गत पड़रिया गांव के लिए यह क्षण गर्व और उल्लास से भरा है। साधारण किसान परिवार में जन्मे दो सगे भाइयों ने असाधारण उपलब्धि हासिल कर भारतीय सेना में अफसर बनकर न केवल अपने माता-पिता बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है। अशोक कुमार सिंह के पुत्र अतुल कुमार सिंह और अंबुज कुमार सिंह की सफलता को गांव-समाज मेहनत, अनुशासन और संस्कारों की जीत के रूप में देख रहा है।
बड़े भाई अतुल कुमार सिंह ने 13 दिसंबर को देहरादून स्थित प्रतिष्ठित इंडियन मिलिट्री एकेडमी (आईएमए) से पासिंग आउट परेड के बाद लेफ्टिनेंट पद प्राप्त किया। वहीं छोटे भाई अंबुज कुमार सिंह ने सीडीएस परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है और वर्तमान में प्रशिक्षणरत हैं। उनका पासिंग आउट परेड अगले वर्ष 12 दिसंबर को प्रस्तावित है।
दोनों भाइयों के गांव आगमन पर रविवार को पड़रिया में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। ग्रामीणों ने फूल-मालाओं से भव्य स्वागत किया, मिठाइयां बांटी गईं और अखंड हरिनाम कीर्तन का आयोजन कर ईश्वर के प्रति कृतज्ञता प्रकट की गई।
परिवारजनों के अनुसार, दोनों भाइयों की सफलता के पीछे कड़ी पढ़ाई के साथ-साथ अनुशासन और देशसेवा की भावना रही है। इंस्पेक्टर पद से सेवानिवृत्त दादा रामायण सिंह ने शुरू से ही उन्हें राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित किया, जबकि माता आरती देवी ने गृहस्थी संभालते हुए बच्चों के सपनों को मजबूती दी। दोनों भाइयों ने अपनी उपलब्धि का श्रेय माता-पिता, दादा और गुरु के. के. मिश्रा को दिया।
आज अतुल और अंबुज क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि ग्रामीण परिवेश से निकलकर भी दृढ़ संकल्प और सही मार्गदर्शन से देशसेवा के सर्वोच्च मंच तक पहुंचा जा सकता है। 🚩
समाचार –
नवानगर से वरुण सिंह की रिपोर्ट




