ताजा समाचार बक्सर जिले के सिमरी प्रखंड क्षेत्र से है जहां मोहम्मद साहब के जन्मदिवस के अवसर पर विशाल जुलूस समारोह कार्यक्रम का आयोजन किया गया । जिसमें सैकड़ो की तादाद में लोग शामिल हुए. इस विशेष अवसर पर इमाम मोहम्मद अफजल मिशबाही ने जुलूस को संबोधित करते हुए इस्लाम के अमन और चमन के संदेश पर प्रकाश डाला. उन्होंने आगे कहा कि इस्लाम का संदेश शांति और भाईचारे का है, और यह पर्व अच्छाई की बुराई पर विजय का प्रतीक है.उन्होंने बताया कि मोहम्मद साहब का जन्म लगभग 570 ईस्वी में मक्का शहर में हुआ था. इस्लाम के संस्थापक और कुरान के प्रचारक मोहम्मद साहब ने 6 वर्ष की उम्र में अपने माता-पिता को खो दिया और उनके दादा की मृत्यु के बाद उनके चाचा ने उनका पालन-पोषण किया. वर्ष 610 में, जब वे 40 वर्ष के थे, उन्हें गुफा में देवदूत जिब्रील अलैहिस्सलाम ने दर्शन दिए और उन्हें अल्लाह के नबी के रूप में चुने जाने की सूचना दी. वहीं साबित रोहतास्वी
ने कहा कि मोहम्मद साहब ने इस्लाम के लिए शांति और भाईचारे का प्रचार किया. वीडियो उनकी कई महत्वपूर्ण लड़ाइयाँ, जैसे कि जंगे बद्र, जंगे उहूद, जंगे खैबर, और जंगे तैफ, अमन और चमन के संदेश को फैलाने के लिए लड़ी गईं. इन लड़ाइयों ने इस्लाम के सिद्धांतों को दुनिया के सामने प्रस्तुत किया. इस अवसर पर, डॉक्टर खालिद रजा ने भी कहा कि इस्लाम धर्म में आस्था रखने वालों के लिए यह पर्व सबसे महत्वपूर्ण है. इस दौरान जिला प्रशासन के आदेशानुसार सिमरी थानाध्यक्ष प्रफुल्ल कुमार अपर थानाध्यक्ष उत्तम कुमार अभिजीत कुमार के साथ-साथ अन्य पुलिस बल के जवानों की मौजूदगी में शांतिपूर्ण माहौल में मोहम्मद साहब के जन्म दिवस पर जुलूस समारोह कार्यक्रम सम पान हुआ ।




