
फुलवारीशरीफ से पकड़ा गया गजवा-ए-हिंद का एडमिन मरगूब अहमद दानिश उर्फ ताहिर अहमद आतंकी गतिविधियों के लिए स्लीपर सेल तैयार कर रहा था। इसके लिए वह गजवा-ए-हिंद नाम से व्हाट्सएप ग्रुप चला रहा था। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) की जांच में यह बातें सामने आई हैं। एनआइए ने इस मामले में पटना के विशेष कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है।
एनआइए के विशेष न्यायाधीश गुरविंदर सिंह मल्होत्रा की अदालत में गजवा-ए-हिंद के एडमिन मरगूब अहमद दानिश उर्फ ताहिर अहमद के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया है। आरोप पत्र आइपीसी की धारा 121 121 ए, 153 (ए), 153 (भी), 120 (भी) और यूएपी की धारा 13, 18 और 20 के तहत दाखिल किया गया है।
एनआइए ने अपने अनुसंधान में मरगूब दानिश के खिलाफ राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता तथा धर्म व जाति के नाम पर समाज में वैमनस्यता फैलाने के आरोप को सही पाया है। इस मामले में फुलवारीशरीफ थाना में 15 जुलाई को कांड संख्या 840/22 दर्ज हुआ था। फिर, एनआइए ने इस मामले में 22 जुलाई को स्पेशल कांड संख्या 08/22 दर्ज किया। एनआइए की टीम ने जुलाई में मरगूब दानिश को गिरफ्तार किया था।
गजवा-ए-हिंद का पाकिस्तान, यमन कनेक्शन
एनआइए की जांच के अनुसार, मरगूब अहमद दानिश वाट्सएप ग्रुप गजवा-ए-हिंद का एडमिन था। इस व्हाट्सएप ग्रुप को पाकिस्तान के रहने वाले जेन ने बनाया था। इसमें पाकिस्तान और यमन समेत कई देशों के युवा जुड़े थे। व्हाट्सएप के अलावा टेलीग्राम, बिप मैसेंजर समेत कई इंटरनेट मीडिया पर भी कट्टरपंथी ग्रुप बनाकर युवाओं को बरगला रहा था। इसके अलावा उसने बांग्लादेश के लिए विशेष तौर पर बीडी गजवा-ए-हिंद बीडी नाम से व्हाट्सएप ग्रुप बनाया था।




