अटल आदर्शों से प्रेरित होकर आगे बढ़े नई पीढ़ी : डॉ स्वामीनाथ तिवारी
ग्राम गौरव संस्थान द्वारा सिमरी में भव्य स्मृति समारोह आयोजित

सिमरी (बक्सर), शनिवार। प्रखंड अंतर्गत विष्णु दीपं संस्कृत प्राथमिक सह मध्य बालक-बालिका विद्यालय, सिमरी के प्रांगण में शनिवार को ग्राम गौरव संस्थान के तत्वावधान में अटल जी स्मृति दिवस समारोह का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री चंद्रभूषण उर्फ बलिराम पांडे ने की, जबकि मंच संचालन विक्की तिवारी एवं हरेंद्र पांडे ने प्रभावी ढंग से किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आरएसएस के जिला अध्यक्ष नागेंद्र उपाध्याय उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में ब्रह्मपुर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक डॉ. स्वामीनाथ तिवारी, जेएनयू के अध्यक्ष सुनील राय, सिमरी पश्चिम के जिला पार्षद प्रत्याशी पंकज सिंह तथा मुखिया प्रतिनिधि प्रमोद कुमार पांडे सहित कई गणमान्य लोगों की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की। इस दौरान संस्कृत विद्यालय के संस्थापक एवं समाजसेवी स्वर्गीय भीमसेन पांडे की आदमकद प्रतिमा पर अतिथियों द्वारा माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
अतिथियों का स्वागत दंत चिकित्सक डॉ. हिमांशु पांडे, ए. राकेश पांडे, तिलकधारी पांडे एवं अन्य सदस्यों द्वारा अंगवस्त्र एवं पुष्पमालाओं से सम्मानित कर किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के छात्र-छात्राओं को भी अंगवस्त्र एवं तालिया चित्र प्रदान कर सम्मानित किया गया, जिससे बच्चों में उत्साह और गर्व का माहौल देखने को मिला।
अपने संबोधन में वक्ताओं ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई को एक महान राष्ट्रपुरुष बताते हुए उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अटल जी का जीवन राष्ट्रसेवा, लोकतंत्र की मजबूती और विकास के प्रति समर्पण का अनुपम उदाहरण है। उनके विचार आज भी देशवासियों को प्रेरित करते हैं।
सिमरी पश्चिम के जिला पार्षद प्रत्याशी पंकज सिंह ने कहा कि अटल जी का व्यक्तित्व संघर्ष, समर्पण और दूरदर्शिता का प्रतीक रहा है। वहीं मुखिया प्रतिनिधि प्रमोद कुमार पांडे ने अपने संबोधन में ऐतिहासिक प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्ष 1982 में अटल जी सिमरी की धरती पर आए थे और श्री रामचंद्र संस्कृत विद्यालय, सिमरी रामोपट्टी में किसान आंदोलन के जनक स्वामी सहजानंद सरस्वती की प्रतिमा की स्थापना की थी। उन्होंने शिक्षा और संस्कार को समाज के विकास का आधार बताते हुए नई पीढ़ी को सही दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया था।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगीत एवं धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण, अभिभावक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा वातावरण बना रहा।




