बक्सर में चार नए डिग्री महाविद्यालय खुले, उच्च शिक्षा को नई उड़ान
ग्रामीण विद्यार्थियों संग छात्राओं को स्थानीय स्तर पर मिलेगा बेहतर शिक्षण अवसर

बक्सर। बक्सर जिले के लिए बुधवार का दिन उच्च शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि लेकर आया। जिले के चक्की, चौगाई, केसठ और ब्रह्मपुर प्रखंडों में नवस्थापित चार डिग्री महाविद्यालयों का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर जिले के विभिन्न स्थानों पर उत्साहपूर्ण माहौल के बीच जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और स्थानीय नागरिकों की उल्लेखनीय भागीदारी रही।
राज्यव्यापी कार्यक्रम के तहत बिहार सरकार की पहल पर माननीय मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के 211 नवस्थापित डिग्री महाविद्यालयों में एक साथ पठन-पाठन कार्य का शुभारंभ किया। इसी क्रम में बक्सर जिले के चारों नए महाविद्यालयों में भी शैक्षणिक सत्र की औपचारिक शुरुआत हुई।
जिले का मुख्य उद्घाटन समारोह केसठ प्रखंड के रघुनाथपुर पंचायत स्थित के.एच.के. प्लस-2 उच्च विद्यालय परिसर में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी श्रीमती साहिला की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य उच्च शिक्षा को गांव-गांव तक पहुंचाना है, ताकि विद्यार्थियों को स्नातक स्तर की पढ़ाई के लिए दूर-दराज के शहरों का रुख न करना पड़े। विशेष रूप से छात्राओं को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध होने से उनकी उच्च शिक्षा में भागीदारी और बढ़ेगी।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि नए महाविद्यालयों की स्थापना केवल शैक्षणिक संस्थानों की संख्या बढ़ाने का प्रयास नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण युवाओं के भविष्य को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों के सहयोग और सफल आयोजन के लिए आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि ये महाविद्यालय आने वाले वर्षों में बक्सर को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएंगे।
उद्घाटन समारोह में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, सहायक समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी डुमरांव, विशेष कार्य पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा के विस्तार और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता भी स्पष्ट रूप से दिखाई दी। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च शिक्षा की नई शुरुआत को लेकर विद्यार्थियों और अभिभावकों में भी खासा उत्साह देखने को मिला।




