मुहर्रम पर बक्सर में अमन, भाईचारे और अकीदत का हुआ शानदार प्रदर्शन
बना-बनैठी खेल का शानदार प्रदर्शन करते हुए तलवार, लाठी एवं अन्य पारंपरिक हथियारों से हैरतअंगेज करतब दिखाए

बक्सर। मुहर्रम के पाक मौके पर शुक्रवार को बक्सर जिले के विभिन्न प्रखंडों में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पूरी अकीदत, अदब और अमन-ओ-सलामती के माहौल में भव्य ताजिया जुलूस निकाला। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में निकले जुलूसों में युवाओं ने पारंपरिक बना-बनैठी खेल का शानदार प्रदर्शन करते हुए तलवार, लाठी एवं अन्य पारंपरिक हथियारों से हैरतअंगेज करतब दिखाए, जिन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
सिमरी प्रखंड क्षेत्र के सिमरी, साईं ओला तकिया, दूधीपट्टी, सिमरी बाजार सहित आसपास के गांवों में मुहर्रम का पर्व पूरी शांति, सौहार्द और भाईचारे के वातावरण में मनाया गया। ताजिया जुलूस में शामिल लोगों ने “या हुसैन” के नारों के साथ “हिंदुस्तान जिंदाबाद” के जोशीले उद्घोष लगाए। मजहबी झंडों के साथ राष्ट्रीय तिरंगा लहराते हुए लोगों ने हिंदू-मुस्लिम एकता और गंगा-जमुनी तहजीब का अनुपम संदेश दिया। जुलूस के दौरान अनुशासन और व्यवस्था देखते ही बन रही थी।
प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। काजीपुर, बड़का राजपुर, एकौना, जलालपुर, मझवारी, बलिहार, खरहाटार, महरौली सहित विभिन्न पंचायतों के चौक-चौराहों एवं इमामबाड़ों पर पुलिस पदाधिकारियों, दंडाधिकारियों और पुलिस बल की तैनाती की गई थी। संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार गश्त कर प्रशासन ने पूरे आयोजन पर पैनी नजर बनाए रखी।
सिमरी क्षेत्र में पुलिस निरीक्षक ओमप्रकाश कुमार, बी.पी.आर.ओ, कौशल किशोर थानाध्यक्ष ज्योति कुमारी, अपर थानाध्यक्ष,ब्रजेश कुमार सिंह आशुतोष पांडेय, प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रशांत कुमार सहित प्रशासनिक अधिकारी पूरे समय मुस्तैद रहे। वहीं सिमरी पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि प्रमोद कुमार पांडे, पंचायत समिति सदस्य दिनेश कुमार साहू, वार्ड सदस्य सुड्डू दुबे, पूर्व पैक्स अध्यक्ष सुनील कुमार राय एवं अन्य समाजसेवियों ने भी शांति व्यवस्था बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाई। उधर राजपुर कला पंचायत के बड़का राजपुर में अंचलाधिकारी भगवती शंकर पांडे, थानाध्यक्ष पूजा कुमारी एवं पुलिस बल के जवान सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहे।
सिमरी पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि प्रमोद कुमार पांडे ने कहा, “मुहर्रम हमें इंसानियत, सब्र, कुर्बानी और भाईचारे का पैगाम देता है। सिमरी की धरती हमेशा से सामाजिक सौहार्द और आपसी प्रेम की मिसाल रही है। आज जिस तरह सभी समुदायों के लोगों ने मिलकर ताजिया जुलूस को सफल बनाया और तिरंगे के साथ राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया, वह पूरे समाज के लिए प्रेरणादायक है। हमारी यही कोशिश रहेगी कि हर पर्व इसी तरह अमन, मोहब्बत और आपसी सद्भाव के साथ मनाया जाए।”
मुहर्रम के अवसर पर जिलेभर में शांति, भाईचारे और राष्ट्रीय एकता का जो संदेश देखने को मिला, उसने एक बार फिर साबित कर दिया कि बक्सर की धरती सांप्रदायिक सौहार्द और गंगा-जमुनी संस्कृति की मजबूत पहचान है।

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