बिहार

क्या जल्द ही बीजेपी में जा रहे हैं उपेंद्र कुशवाहा? शरद यादव के बहाने भी नीतीश पर खड़ा कर दिया सवाल

पटना : क्या उपेंद्र कुशवाहा की बीजेपी में बात पक्की हो गई है? क्या वो नीतीश का साथ छोड़ने की तैयारी में हैं? ये सवाल तब उठे जब कुशवाहा ने शरद यादव के निधन पर अपनी बात रखी। इस दौरान जेडीयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कुछ ऐसी टिप्पणी की है जिससे लगा कि उनका वार कहीं न कहीं नीतीश पर था। दरअसल कुशवाहा ने कहा कि शरद यादव अंत समय में मानसिक रूप से अकेले हो गए थे। उनकी खोज खबर लेने वाला कोई नहीं था। उन्होंने गौर करने वाली एक बात कही कि भगवान ना करे किसी को ऐसी मौत मिले।
उपेंद्र कुशवाहा ने अपनी बात कहते हुए कहा कि जिन नेताओं को उन्होंने बनाया, जो नेता उनके संघर्षों के दौरान उनके साथ रहे और आज बड़े-बड़े पदों पर हैं। उन्होंने भी उनका साथ छोड़ दिया। जेडीयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष ने इसमें हालांकि किसी का नाम नहीं लिया लेकिन इशारों-इशारों में उनका निशाना बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) पर ही नजर आया।

उपेंद्र कुशवाहा के निशाने पर कौन?
जेडीयू के संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने बिना नाम लिए समाजवादी नेता शरद यादव को अकेला करने की बात कही। अब बिहार की राजनीति के पुराने पत्रकार यह मानते हैं कि कभी नीतीश कुमार और शरद यादव का साथ चोली दामन का था। साथ-साथ का था और हर वक्त का था। सूबे की सियासत को जानने और समझने वाले लोगों की मानें तो यह सभी जानते हैं कि वैचारिक मतभेद और पार्टी पर प्रभाव को लेकर नीतीश और शरद यादव में आपसी विवाद हुए। जिसमें नीतीश कुमार की जीत हुई। और शरद यादव बिहार की राजनीति से बेदखल होना पड़ा।
नीतीश पर उठते रहे हैं सवाल
ऐसा नहीं है कि नीतीश कुमार पर अपनी पार्टी के नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाने का आरोप पहली बार लगा हो। बीजेपी के तमाम बड़े नेताओं का यह राजनीतिक आरोप है। राज्य की राजनीति में नीतीश कुमार एक धुरंधर खिलाड़ी हैं जो अपने आगे आने वाले हर मुश्किल को ‘साफ’ करते हैं। दरअसल ‘साफ’ करने जैसा शब्द का इस्तेमाल केवल पॉलिटिकल पार्टी के नेता ही नहीं बिहार की राजनीति पर निगाह रखने वाले राजनीतिक जानकार भी करते हैं।

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