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मनीष सिसोदिया को बचाने के लिए बच्चों को ढाल बनाने का आरोप, दिल्ली के स्कूल में सिसायत?

दिल्ली शराब घोटाला मामले में मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) की गिरफ्तारी के सात दिन बाद भी देश की राजधानी में मचा सियासी तूफान थमने का नाम नहीं ले रहा है. इसके उलट ‘ईमानदार कौन’ को लेकर सियासी जंग पहले से ज्यादा तेज हो गई है. इस जंग में आप (AAP) का ‘आई लव यू मनीष सिसोदिया (I love manish Sisodia), कांग्रेस (Congress) की ओर से ‘शराब की सेल में पटपड़गंज विधायक जेल में’ और बीजेपी (BJP) का केजरीवाल (Arvind kejriwal) सरकार में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ खुलकर सड़क आने की घटना ने आग में ‘घी’ डालने जैसा काम किया है.
डोर टू डोर अभियान के तहत आप नेता जहां सिसोदिया को कट्टर ईमानदार साबित करने पर ​तुले हैं तो बीजेपी और कांग्रेस वाले सिसोदिया (Manish Sisodia) की आड़ में पूरी सरकार (Delhi government) को भ्रष्ट और जन विरोधी करार देने पर उतारू हैं. खास बात यह है कि सियासी दलों में बीच यह तकरार अब पोस्टर वार (Poster War) में तब्दील हो गया है.

फिलहाल, आप नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन को ईमानदार साबित करने के लिए दिल्ली में डोर टू डोर कैंपेन की शुरुआत कर दी है. आम आदमी पार्टी के कैंपेन का नाम है आई लव यू मनीष सिसोदिया. इस अभियान के तहत आप के कार्यकर्ता स्कूलों में मनीष सिसोदिया के पोस्टर लगा रहे हैं. इस मुहिम में आप विधायक आतिशी सिंह, जैस्मीन शाह और पार्टी के विधायक काफी मुखर नजर आ रहे हैं. कल भी आप के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में कई स्थानों पर सिसोदिया की गिरफ्तारी के खिलाफ प्रचंड प्रदर्शन किया और पोस्टर लगाए. आप के प्रदर्शन की वजह से दिल्ली वालों को ट्रैफिक जाम का भी सामना करना पड़ा. वहीं, मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी के विरोध में आप की ओर चलाए गए “आई लव मनीष सिसोदिया” अभियान को लेकर दिल्ली के शास्त्री पार्क थाने में केस भी दर्ज कराया गया है. दिल्ली पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ केस राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के आदेश पर केस दर्ज किया है. एनसीपीसीआर ने आप की इन गतिविधियों को गैर कानूनी करार दिया है. एनसीपीसीआर ने अपने आदेश में कहा था कि एजुकेशन टास्क फोर्स के सदस्य शैलेश, राहुल तिवारी, वैभव श्रीवास्तव, तारिशी शर्मा और दिल्ली डायलॉग कमीशन के उपाध्यक्ष जैस्मिन शाह ने अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करते हुए स्कूलों के प्रिंसिपल और शिक्षकों से यह अभियान चलवाया. इसलिए, इनके खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाए.

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