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मां कालरात्रि के दरबार में 14 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे, गूंजे मंगलगीत

मां काली सेवा समिति के आयोजन में उमड़ी हजारों की भीड़, सामूहिक विवाह के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम और भंडारे ने बांधा समां

सिमरी (बक्सर)। बक्सर जिले के सिमरी स्थित मां कालरात्रि मंदिर परिसर में मंगलवार को सामूहिक विवाह समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान हजारों की संख्या में जुटे लोगों की मौजूदगी में 14 जोड़े वर-वधू मां कालरात्रि को साक्षी मानकर परिणय सूत्र में बंध गए। वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच संपन्न हुए इस विवाह समारोह ने सेवा, संस्कार और सामाजिक एकता का संदेश दिया। आयोजन में दूर-दराज से पहुंचे घराती और बाराती अपने परिवार के नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते नजर आए।

जय मां काली सेवा समिति की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम को लेकर मंदिर परिसर में उत्सवी माहौल रहा। विवाह की रस्मों के दौरान मंत्रोच्चार के बीच वर-वधू ने एक-दूसरे को जयमाला पहनाई। इसके बाद सिंदूरदान की रस्म पूरी की गई। मां कालरात्रि को साक्षी मानकर वैवाहिक जीवन की शुरुआत करने वाले जोड़ों के परिजनों में खासा उत्साह देखने को मिला। उपस्थित लोगों ने नवदंपतियों को सुखमय वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद दिया और आयोजन के लिए समिति के सदस्यों की सराहना की।

सामूहिक विवाह से मिला सामाजिक एकता का संदेश

समारोह में सामूहिक विवाह के माध्यम से सामाजिक सहयोग, आपसी सद्भाव और पारिवारिक संस्कारों को बढ़ावा देने का प्रयास दिखाई दिया। एक ही परिसर में 14 जोड़ों का विवाह संपन्न होने से कार्यक्रम का आकर्षण और बढ़ गया। बड़ी संख्या में ग्रामीणों और श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आयोजन को यादगार बना दिया। विवाह की रस्मों के दौरान मंदिर परिसर में उत्सव जैसा दृश्य देखने को मिला।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

विवाह समारोह के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। इसमें विभिन्न कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन किया। भोजपुरी संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के दौरान दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम देखने के लिए महिला, पुरुष और युवाओं की भारी भीड़ जुटी रही।

भंडारे में लोगों ने ग्रहण किया प्रसाद

आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं और अतिथियों के लिए विभिन्न प्रकार के व्यंजनों की व्यवस्था की गई थी। भंडारे में बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। सामूहिक विवाह, सांस्कृतिक कार्यक्रम और भंडारे के संगम ने पूरे आयोजन को विशेष बना दिया।

मां काली सेवा समिति के इस आयोजन ने धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सरोकारों को जोड़ते हुए सामूहिक विवाह की परंपरा को बढ़ावा देने का संदेश दिया। समारोह में शामिल लोगों ने नवविवाहित जोड़ों के सुखद भविष्य की कामना की।

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