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सिमरी थाना पहुंचे एसपी, समस्याओं पर उठे कई सवाल

अचानक निरीक्षण से चर्चाएं तेज, जनता ने मांगी पारदर्शिता और जवाब देही

सिमरी (बक्सर)। बक्सर जिले के सिमरी थाना परिसर में पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य के अचानक पहुंचकर किए गए निरीक्षण को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। पुलिस अधीक्षक ने थाना के विभिन्न अभिलेखों, लंबित मामलों तथा प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों और कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने आगामी पंचायत चुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने पर विशेष जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने कहा कि चुनाव से पूर्व क्षेत्र में सक्रिय असामाजिक एवं शांति भंग करने वाले तत्वों पर कड़ी निगरानी रखी जाए। उन्होंने लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन का निर्देश देते हुए चेतावनी दी कि कार्य में लापरवाही या शिकायत मिलने पर संबंधित कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस संबंध में जब सिमरी थाना अध्यक्ष ज्योति कुमारी से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि पुलिस अधीक्षक महोदय थाना का निरीक्षण करने आए थे । और आवश्यक निर्देश देकर लौट गए। मीडिया को सूचना नहीं दिए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्हें इस विषय में जानकारी नहीं है कि सूचना किसे दी गई या नहीं दी गई।
दूसरी ओर, स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि थाना परिसर को ऐसे सुसज्जित कर दिया गया था कि जैसे रामायण में शेवरी फूलों की तरह रास्ते को सजाकर बगिया को श्री राम के आने का इंतजार कर रही थी । जिले के वरीय अधिकारी अक्सर अचानक निरीक्षण के लिए आते हैं और बिना आमजन से संवाद किए वापस लौट जाते हैं। उनका आरोप है कि जनता की समस्याओं, शिकायतों और स्थानीय मुद्दों को प्रत्यक्ष रूप से सुनने का अवसर नहीं मिल पाता। कई लोगों ने प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाने तथा निरीक्षण कार्यक्रमों की सार्वजनिक जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की है।
गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा जन समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से पंचायत स्तर पर सहयोग शिविरों के आयोजन की व्यवस्था की गई है। इसके बावजूद कई ग्रामीणों का कहना है कि थाना, प्रखंड और अंचल स्तर पर लंबित समस्याओं का समाधान अपेक्षित गति से नहीं हो पा रहा है। ऐसे में क्षेत्र में यह सवाल लगातार उठ रहा है कि प्रशासनिक निरीक्षणों का प्रत्यक्ष लाभ आम लोगों तक कब पहुंचेगा और उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान कब सुनिश्चित होगा।

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