काजीपुर में सरकारी जलाशय पर अतिक्रमण से जलजमाव की गंभीर समस्या
मुखिया इम्तेयाज अंसारी ने अंचलाधिकारी को सौंपा आवेदन, जलाशय को अतिक्रमणमुक्त कर जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त करने की उठाई मांग

सिमरी/बक्सर। सिमरी प्रखंड की काजीपुर पंचायत में सरकारी जलाशय पर कथित अतिक्रमण के कारण जलनिकासी की समस्या गंभीर होती जा रही है। जलाशय पर अतिक्रमण होने से नालियों का पानी सड़कों और गलियों में जमा हो रहा है। इससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, लंबे समय तक गंदा पानी जमा रहने से आसपास के इलाकों में गंदगी और बीमारियों के फैलने की आशंका भी बढ़ गई है। इस समस्या को लेकर ग्राम पंचायत काजीपुर के मुखिया मो. इम्तेयाज अंसारी ने शुक्रवार, 9 अक्टूबर को सिमरी के अंचलाधिकारी को आवेदन देकर सरकारी जलाशय को अतिक्रमणमुक्त कराने की मांग की है।
सरकारी जमीन पर अतिक्रमण का आरोप
मुखिया द्वारा अंचलाधिकारी को दिए गए आवेदन के अनुसार, काजीपुर मौजा में बिहार सरकार की सर्वसाधारण श्रेणी का एक गड्ढा (जलाशय) स्थित है। इसका खाता संख्या 324, प्लॉट संख्या 262 और रकबा 1.54 डिसमिल बताया गया है। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि उक्त सरकारी जलाशय पर कुछ लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है। इसके कारण जलनिकासी का प्राकृतिक रास्ता प्रभावित हो रहा है और नालियों का पानी सड़कों एवं गलियों में फैलकर जमा हो रहा है।
गंदगी से ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी
जलजमाव के कारण राहगीरों और स्थानीय निवासियों को आने-जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। गंदे पानी के जमा रहने से गलियों में दुर्गंध फैलने और मच्छरों के पनपने की आशंका बनी हुई है। इससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ सकता है। ग्रामीणों के लिए यह समस्या दैनिक जीवन में परेशानी का कारण बन रही है। ऐसे में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था करना आवश्यक हो गया है।
अतिक्रमण हटाने की प्रशासन से मांग
मुखिया मो. इम्तेयाज अंसारी ने अंचलाधिकारी से मामले की जांच कर सरकारी जलाशय को अतिक्रमणमुक्त कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जलाशय को अतिक्रमण से मुक्त कराने के बाद ही जलनिकासी की समस्या का स्थायी समाधान संभव हो सकेगा। अब ग्रामीणों की निगाहें अंचल प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जाते हैं, तो जलजमाव और गंदगी की समस्या से लोगों को राहत मिल सकती है।



