ज्ञान संरक्षण में योगदान पर पूर्णानंद मिश्रा, नरोत्तम सम्मानित आज
ज्ञान भारतम मिशन को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प

बक्सर, 30 मई। भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राचीन ज्ञान परंपरा एवं दुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षण की दिशा में किए जा रहे उल्लेखनीय प्रयासों को सम्मानित करते हुए ज्ञान भारतम मिशन के अंतर्गत शनिवार को बक्सर समाहरणालय में एक गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी बक्सर श्रीमती साहिला ने मिशन के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण सहयोग देने वाले श्री पूर्णानंद मिश्रा एवं श्री नरोत्तम द्विवेदी को सम्मानित किया।
सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी ने कहा कि ज्ञान भारतम मिशन केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि भारत की गौरवशाली बौद्धिक और सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित एवं संवर्धित करने का राष्ट्रीय अभियान है। उन्होंने कहा कि देश की प्राचीन पांडुलिपियां, ऐतिहासिक दस्तावेज और ज्ञान-संपदा हमारी अमूल्य विरासत हैं, जिन्हें सुरक्षित रखना वर्तमान पीढ़ी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
उन्होंने बताया कि इस मिशन का उद्देश्य केवल दुर्लभ दस्तावेजों और पांडुलिपियों का संरक्षण करना ही नहीं, बल्कि उन्हें समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाकर भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है। इस दिशा में समाज के जागरूक नागरिकों, विद्वानों, शिक्षाविदों और सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।
सम्मान प्राप्त करने के बाद श्री पूर्णानंद मिश्रा एवं श्री नरोत्तम द्विवेदी ने जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनके लिए प्रेरणा का स्रोत है तथा वे ज्ञान भारतम मिशन के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे। दोनों ने सांस्कृतिक धरोहरों, ऐतिहासिक दस्तावेजों और दुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
कार्यक्रम में उपस्थित पदाधिकारियों, बुद्धिजीवियों एवं गणमान्य नागरिकों ने दोनों सम्मानित व्यक्तियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके योगदान की सराहना की। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे प्रयास न केवल भारतीय संस्कृति और इतिहास को संरक्षित करने में सहायक हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ने का भी महत्वपूर्ण माध्यम बनते हैं।




