
बक्सर। जिले में गंगा नदी का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगा है। मध्य प्रदेश समेत ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने के बाद बक्सर में गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। बुधवार सुबह केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार नदी का जलस्तर करीब तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा था। सुबह गंगा 
जलस्तर 59.09 मीटर दर्ज किया गया।
बक्सर में गंगा का चेतावनी बिंदु 59.32 मीटर, जबकि खतरे का निशान 60.32 मीटर निर्धारित है। ऐसे में वर्तमान जलस्तर चेतावनी बिंदु से महज 23 सेंटीमीटर नीचे है। जलस्तर में इसी रफ्तार से बढ़ोतरी जारी रही तो आने वाले समय में नदी चेतावनी बिंदु को पार कर सकती है। गंगा के बढ़ते जलस्तर को लेकर नदी किनारे रहने वाले लोगों के बीच एक बार फिर चिंता बढ़ने लगी है।
गंगा के बढ़ते पानी का असर बक्सर के प्रमुख घाटों पर भी दिखाई देने लगा है। रामरेखा घाट की लगभग सभी सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं और गंगाजल विवाह मंडप तक पहुंच गया है। घाट पर आने वाले श्रद्धालुओं और आम लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। पानी बढ़ने के कारण घाटों पर फिसलन और गहरे पानी का खतरा भी बढ़ गया है।
गंगा के जलस्तर में वृद्धि का असर जिले के दियारा क्षेत्रों में भी पड़ने की आशंका जताई जा रही है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों और किसानों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीण संभावित बाढ़ की स्थिति को लेकर नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं।
इधर, प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से गंगा के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। रामरेखा घाट समेत प्रमुख घाटों पर एसडीआरएफ की टीमों की तैनाती की गई है। सुरक्षा को देखते हुए नदी में नाव परिचालन पर भी रोक लगाई गई है। प्रशासन की ओर से लोगों से नदी और घाटों के आसपास अनावश्यक रूप से जाने से बचने तथा जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सतर्क रहने की अपील की जा रही है।
गंगा के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि के बीच अब लोगों की नजर केंद्रीय जल आयोग के अगले आंकड़ों पर टिकी है।



