मांगों को लेकर सड़कों पर उतरीं आशा कार्यकर्ता, निकाला विशाल जुलूस
डीएम को सौंपा सात सूत्री ज्ञापन; मांगें पूरी नहीं होने पर हड़ताल की चेतावनी

बक्सर। बिहार राज्य आशा एवं आशा फैसिलिटेटर संघ के राज्य सामान्य परिषद के निर्णय के तहत मंगलवार को जिले की आशा एवं आशा फैसिलिटेटर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सड़क पर उतरीं। बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ताओं ने नगर भवन के समीप स्टेशन रोड से विशाल जुलूस निकाला। जुलूस अंबेडकर चौक, कलेक्ट्रेट रोड होते हुए समाहरणालय पहुंचा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने लंबित मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की और सरकार से शीघ्र पहल की मांग की।
समाहरणालय पहुंचने के बाद जुलूस सभा में तब्दील हो गया। सभा को संबोधित करते हुए आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के बावजूद उन्हें अपने पारिश्रमिक और प्रोत्साहन राशि के भुगतान के लिए परेशानी उठानी पड़ती है। कार्यकर्ताओं ने समय पर प्रोत्साहन राशि और राज्य मद की राशि का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों ने आशा कार्यकर्ताओं के लिए न्यूनतम मानदेय 26 हजार रुपये प्रतिमाह करने, आंगनबाड़ी सेविकाओं की तर्ज पर सेवानिवृत्ति की उम्र 65 वर्ष करने तथा केंद्र सरकार की ओर से प्रोत्साहन राशि में बढ़ोतरी से संबंधित निर्णय को बिहार में लागू करने की मांग की। उनका आरोप था कि कई प्रखंडों में राशि उपलब्ध रहने के बावजूद भुगतान समय पर नहीं किया जाता है। भुगतान के लिए बार-बार कार्यालयों का चक्कर लगाना पड़ता है।
जिला संयोजक सह राज्य उपाध्यक्ष अरुण कुमार ओझा ने कहा कि आशा और आशा फैसिलिटेटर ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं। कोरोना काल में भी उन्होंने पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ कार्य किया। इसके बावजूद उनके कार्य के बदले मिलने वाली राशि का भुगतान कई बार महीनों तक लंबित रहता है।
उन्होंने कहा कि यदि मांगों पर तत्काल सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आशा कार्यकर्ता आंदोलन को और तेज करते हुए हड़ताल जैसे कदम उठाने को मजबूर होंगी। प्रदर्शन के बाद सात सूत्री मांगों से संबंधित ज्ञापन जिला पदाधिकारी को सौंपा गया। ज्ञापन कार्यपालक निदेशक, राज्य स्वास्थ्य समिति के नाम संबोधित था।
प्रदर्शन में महावीर पंडित, हरे राम सिंह, परमहंस सिंह, मीरा देवी, अभिराजू देवी, मंजू देवी, सरस्वती देवी, कंचन देवी और लीला देवी समेत बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता मौजूद रहीं।



